sukhvinder Singh Rai stories download free PDF

आख़िरी सांस तक तुम्हारा हाथ

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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ढलती हुई शाम का सूरज पहाड़ों की ओट में धीरे-धीरे सिमट रहा था, जिससे आसमान का रंग सिंदूरी और ...

​नेट पर लगाई यारी

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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रात के ठीक बारह बजे पूरा शहर अचानक घने अंधेरे में डूब गया। मोबाइल की स्क्रीन पर जो नेटवर्क ...

पूछ ज़रा अपने नाल दी से

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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चंडीगढ़ के एक बहुत बड़े और महंगे कैफ़े में हल्की-हल्की म्यूज़िक बज रही थी। **करण** काउंटर के पास खड़ा ...

​वेटर की अधूरी मोहब्बत

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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शहर के सबसे महंगे और आलीशान होटल की पाँचवीं मंज़िल पर शीशे की बड़ी-बड़ी खिड़कियों से पूरा शहर रोशनी ...

​एक निवाला महादेव का

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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**शीर्षक: भगवान से सौदा (भाग - 1)**कभी फुर्सत मिले न, तो किसी भी बड़े मंदिर के बाहर खड़े होकर ...

ब्रह्मांड की राख

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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रात के ठीक 11:43 बज रहे थे। दीवार पर टंगी पुरानी घड़ी के पेंडुलम की आवाज़ उस सन्नाटे में ...

डिजिटलजाल

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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कमरे की सीलन भरी हवा में छत वाले पुराने पंखे की 'कटर-कटर' आवाज़ किसी उल्टी गिनती की तरह गूंज ...

अपने ही हाथों लिखी बर्बादी

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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सड़क के किनारे लगा इकलौता पीला बल्ब बारिश की तेज़ बौछारों के बीच किसी बीमार इंसान की तरह टिमटिमा ...

झूठा रुतबा

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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शहर के उस सबसे महंगे कैफे के बाहर एस्प्रेसो कॉफी और बेक हो रही ब्रेड की महक हवा में ...

​अरेंज मैरिज का संदूक

by Sukhwinder Singh Sukhwinder
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**एपिसोड: बदलते रंग**कहा जाता है कि प्रेम विवाह (लव मैरिज) में इंसान जो रोता है, वह शादी से पहले ...