इंद्र को दिया चारित्र्य दानअत्याचारी हिरण्यकशिपु के अंत के पश्चात् प्रह्लाद को राजसिंहासन प्राप्त हुआ। वे तीनों लोकों में ...
भगवान् नरसिंह का अवतारक्षीर सागर में लेटे भगवान् विष्णु माता लक्ष्मी की ओर देखकर मुसकरा रहे थे। उन्होंने माता ...
अत्याचार की पराकाष्ठाआश्रम के लगभग सभी छात्र प्रह्लाद की राह पर चल पड़े थे। इन छात्रों ने प्रह्लाद के ...
आश्रम में पुनः वापसीबालक प्रह्लाद आचार्य शंड के साथ पुनः आश्रम में वापस आ गए थे। यहाँ वे आचार्यों ...
होलिका-दहनप्रह्लाद को सुरक्षित देख हिरण्यकशिपु ईर्ष्याग्नि में जलने लगा था। उसने कृत्रिम प्रेम प्रकट करते हुए प्रह्लाद से पूछा,“प्रह्लाद! ...
पर्वतने किया नमनसूर्योदय के साथ अंधकार दूर हुआ। हड़बड़ाहट में हिरण्यकशिपु अपने शयनकक्ष से बाहर आया। यह हड़बड़ाहट उसके ...
सर्पदंश का प्रहारजब प्रह्लाद नदी की विकराल लहरों के पाश से भी बच गया तो मंत्रियों की सलाह के ...
भयानक लहरों के बीचबार-बार हिरण्यकशिपु प्रह्लाद को क्षति पहुँचाने की कुचेष्टा करता और बार-बार प्रह्लाद अपने आराध्य देव भगवान् ...
गजानन-परीक्षाप्रभु की लीला अपरंपार है। उसे जान पाना, समझ, पाना हर किसी के वश की बात नहीं। उसकी इच्छा ...
विष बना अमृतवधिकों के हर प्रहार से प्रह्लाद बच गये। उन पर किसी भी अस्त्र-शस्त्र का प्रभाव नहीं हुआ ...