“कल… उसी जगह।”Vihaan का आखिरी message पढ़ने के बाद भी Aashi काफी देर तक फोन हाथ में लिए बैठी ...
Aashi काफी देर तक उस कागज़ को अपने हाथों में पकड़े बैठी रही।कमरे में पूरी तरह शांति थी, लेकिन ...
“वो लड़का, जिसे Aarav याद नहीं कर पा रहा था…”Aashi कुछ देर तक वहीं बैठी रही।उसकी उँगलियाँ अब भी ...
Aashi कुछ देर तक उस तारीख को देखती रही।22 August.सिर्फ दो शब्द और कुछ अंक थे, लेकिन उसके लिए ...
“विहान।”बस एक नाम था।लेकिन उस एक नाम को पढ़ते ही Aashi की उंगलियाँ फोन की स्क्रीन पर रुक गईं।कुछ ...
विहान कुछ देर तक फोन की स्क्रीन को देखता रहा।स्क्रीन पर वही संदेश था—“कुछ कहानियाँ शुरू होने से पहले ...
सुबह की हल्की धूप खिड़की के पर्दों से होकर कमरे में फैल रही थी, लेकिन आशी की आँखें पूरी ...
भूमिकाकहते हैं कि ज़िंदगी में कुछ मुलाकातें अचानक होती हैं।न कोई योजना होती है, न कोई इंतज़ार।बस एक दिन ...