ठाकुर साहब और माँ डॉक्टर के पास जा चुके थे। मैं भी कुछ ज़रूरी फाइलें उठाकर ड्राइवर के साथ ...
ठाकुर साहब मुझे इस तरह देख रहे थे, जैसे मेरे भीतर तक झाँककर यह तसल्ली कर लेना चाहते हों ...
रात का समय था। स्टेशन ने जब मुझे वापस उसी शहर में लाकर उतारा, तो कुछ पल के लिए ...
एक दिन अचानक प्रतापगढ़ के महल में राजकुमार रणविजय का संदेश पहुँचा। संदेश में लिखा था कि वह राजकुमारी ...
दोनों बहनें बिल्कुल एक जैसी थीं। इतनी एक जैसी कि महल की दासियाँ तो क्या, कई बार खुद राजा ...
बाबा की आवाज़ सुनते ही जैसे विवेक को होश आया। उसने तुरंत अपनी जेब से मोबाइल निकाला। कुछ पल ...
अंधेरे में कहीं से अचानक... छन्न... पायल की आवाज़ आई। दोनों के चेहरे पर डर जम गया। और बाबा ...
उसकी आवाज़ भर्रा गई। “क्या तुम्हें कुछ भी याद नहीं आता मुझे देखकर?” फिर उसने अपना चेहरा उठाया। “देखो ...
अक्षय ने गाड़ी धीमी कर दी। उसकी धड़कन अचानक तेज़ हो गई। क्योंकि ये वही हवेली थी… जिसे उसने ...
इस हिस्से को उसी उपन्यास-जैसे अंदाज़ में, भावनाओं और अतीत के दर्द को थोड़ा और गहरा करते हुए आगे ...