Deepshikha Kedia stories download free PDF

तुमसे मोहब्बत है - 7

by Deepshikha Kedia
  • 600

वाणी अपने कमरे में जाती है।सूरज की हल्की किरणें खिड़की से छनकर अंदर आ रही थीं। कमरे में सादगी ...

तुमसे मोहब्बत है - 6

by Deepshikha Kedia
  • 591

सुबह की हल्की धूप अभी पूरी तरह फैली भी नहीं थी किवाणी नींद से उठकर चुपचाप अपने कमरे से ...

तुमसे मोहब्बत है - 5

by Deepshikha Kedia
  • 999

Hअगस्त्य अपनी घड़ी पर समय देखता है—रात काफ़ी हो चुकी थी, पर उसका दिमाग़ अटका हुआ था उस लड़की ...

तुमसे मोहब्बत है - 4

by Deepshikha Kedia
  • 1.1k

उधर वो लड़की आखिरकार अपने घर के बाहर पहुँचती है।थकी हुई साँसें… माथे पर पसीना… और अभी भी हल्का ...

तुमसे मोहब्बत है - 3

by Deepshikha Kedia
  • 957

Singhania ऑफिस के बाहर एक—एक कर के सभी कारें आकर रुकती गईं।दरवाज़े खुलते ही दर्जनों बॉडीगार्ड बाहर निकलकर सीधी ...

तुमसे मोहब्बत है - 2

by Deepshikha Kedia
  • 1k

रात का वक्त…सड़क पर पसरा हुआ गहरा सन्नाटा…और उसी सन्नाटे को चीरती हुई5–6 ब्लैक लग्ज़री कारें,पूरी रफ़्तार में दौड़ ...

तुमसे मोहब्बत है - 1

by Deepshikha Kedia
  • 2k

रात के ठीक 12 बज रहे थे।सिंहानिया ऑफिस में अफरा–तफरी मची हुई थी।हर तरफ टेंशन… बेचैनी… और एक ही ...