सपनों का बाज़ार और आत्म-विस्मृति: कोचिंग से गुरु तक, मौलिकता की हत्या का धंधा लेखक/शोधकर्ता: अज्ञात अज्ञानी (Agyat ...
विकास की असली परिभाषा: खोज और शोध (R&D) आज हजार लोग हजार बातें कर रहे हैं। हर कोई ...
जीवन के तीन स्तर और आध्यात्मिक ऊर्जा अस्तित्व की मूल प्रकृति तीन गुणों—सत्त्व, रज और तम—से समझी जा सकती ...
बचपन की मौलिकता और मौलिक प्रश्नों की मृत्यु (वेदांत 2.0 का एक दृष्टिकोण) मनुष्य जन्म के समय ...
राम दुःखी नहीं थे, हमारी दृष्टि दुःखी है रामायण - वेदांत 2.0 Life दृष्टिर्बन्धनकारिणी, दृष्टिरेव विमोचिनी।यथा दृष्टिस्तथा ...
मार्ग अनेक हो सकते हैं, पर बोध एक है। सूत्र: एकोनशतं मार्गा बोधस्त्वेकः।मन्थनाद् विवेकः विवेकाद् बोधः।बोधे सर्वे मार्गाः कृतार्थतां ...
जीवन ही अंतिम सत्य जीवन ही ईश्वर है। जीवन से अलग कोई दूसरा ईश्वर, आत्मा या परमात्मा नहीं। जीवन ...
ॐ सत्यं मे गुरुः। सत्यं मे शरणम्। सत्यं मे जीवनम्। गुरु-पूजा नहीं, सत्य-पूजा Agyat Agyani मेरी दृष्टि में सबसे ...
चेतना का त्रिकोण वेदांत 2.0द्रष्टा • दृश्य • दर्शनद्वन्द्व, द्वैत और अद्वैत का एक समकालीन दर्शन चेतना का त्रिकोण ...
वेदांत 2.0 लाइफ: अस्तित्व-आधारित जीवन सिद्धांतपुस्तक का मुख्य संदेश (The Core Hook):"यह पुस्तक पढ़ने की नहीं, जीने की पुस्तक ...